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Akhilesh Yadav Biography in Hindi | अखिलेश यादव का जीवन परिचय

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अखिलेश यादव की उम्र भले ही अभी कम हो लेकिन वो उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा नाम हैं। अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के 3 बार मुख्यमंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव के पुत्र हैं। उत्तर प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी समाजवादी पार्टी की कमान इनके हाथों में है। वे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

Akhilesh yadav

मुख्यमंत्री रहते हुए उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने वाले अखिलेश यादव अपने विकास कार्यों के लिए जाने जाते हैं। अखिलेश यादव पूरे देश के युवा नेताओं में से एक हैं और अपनी युवा राजनीति और युवा छवि से देश-प्रदेश के युवाओं के दिलों पर राज करते हैं। आइये जानते हैं अखिलेश यादव का जीवन परिचय (Akhilesh Yadav Biography in Hindi)…

Table of Contents

अखिलेश यादव की जीवनी – Akhilesh Yadav Biography in Hindi

नामअखिलेश यादव
जन्म तिथि1 जुलाई 1973
आयु49 वर्ष
जन्म स्थानसैफई, इटावा, उत्तर प्रदेश
पिता का नाममुलायम सिंह यादव
माता का नाममालती देवी,
साधना गुप्ता (सौतेली)
भाईप्रतीक यादव (सौतेला)
वैवाहिक स्थितिविवाहित
विवाह की तिथि24 नवम्बर 1999
पत्नी का नामडिम्पल यादव
बच्चेपुत्री – अदिति यादव, टीना यादव
पुत्र – अर्जुन यादव
धर्महिन्दू
जातियादव
राष्ट्रीयताभारतीय
शैक्षिक योग्यता मास्टर्स इन एनवायरमेन्ट इंजीनियरिंग
राजनैतिक पार्टीसमाजवादी पार्टी
पदराष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी,
पूर्व मुख्यमंत्री
कुल सम्पत्तिलगभग 40 करोड़ (2022) 

अखिलेश यादव कौन हैं? Who is Akhilesh Yadav

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) वर्तमान में उत्तर प्रदेश के करहल विधानसभा से विधायक हैं। साल 2012 से 2017 तक वे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के पद पर कार्य कर चुके हैं। अखिलेश यादव 3 बार लोकसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। इनकी जितनी अपनी पहचान है उतनी ही पहचान अपने पिता की वजह से भी है। वह पूर्व रक्षा मंत्री भारत सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश मुलायम सिंह यादव के बड़े बेटे हैं।

विदेश से शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी अखिलेश यादव जमीनी स्तर से जुड़े हुए हैं। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए उत्तर प्रदेश की छवि बदल दी। उत्तर प्रदेश के विकास का श्रेय अखिलेश यादव को दिया जाता है। उत्तर प्रदेश का सबसे कम उम्र का मुख्यमंत्री होने का श्रेय अखिलेश यादव को ही मिला है। उन्हें 29 सितम्बर 2022 को समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया गया है।

अखिलेश यादव जन्म और माता-पिता – Akhilesh Yadav Birth & Mother Father

उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री रह चुके अखिलेश यादव का जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई गाँव में हुआ था। इनके पिता मुलायम सिंह यादव और माता मालती देवी हैं। इनके पिता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री रह चुके हैं। अखिलेश यादव की माँ मालती देवी इनके जन्म के बाद बीमार रहने लगी थीं। जिस कारण से इनका पालन-पोषण इनके दादा सुघर सिंह यादव और इनकी दादी मूर्ति सिंह यादव ने किया।

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अखिलेश यादव का बचपन इनके पैत्रक गाँव सैफई में ही बीता। साल 2003 में लम्बी बीमारी के बाद इनकी माँ मालती देवी का निधन हो गया। जिसके बाद इनके पिता ने दूसरी शादी साधना गुप्ता के साथ की। अखिलेश यादव का एक भाई है जिसका नाम प्रतीक यादव है।

अखिलेश यादव का परिवार – Akhilesh Yadav Family

अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव का परिवार काफी बड़ा है। इनके परिवार में इनके पिता के चार भाई और एक बहन हैं। जिनमे से अखिलेश यादव के 3 चाचा शिव पाल सिंह यादव, अभयराम सिंह यादव, राज पाल सिंह यादव हैं। इसके आलावा इनके एक ताऊ भी हैं। जिनका नाम रतन सिंह यादव हैं। अखिलेश यादव के पिता की एक बहन भी हैं। जिनका नाम कमला देवी है।

इसके आलावा इनके पिता के चचेरे भाई प्रोफेसर राम गोपाल यादव इनके चाचा हैं। सभी के साथ इनके निकटतम सम्बन्ध हैं। इनके चाचा शिवपाल सिंह यादव पूर्ण रूप से राजनीति में हैं। अखिलेश यादव का पूरा परिवार राजनीति के क्षेत्र में है। अखिलेश यादव की सौतेली माँ साधना गुप्ता से इनका एक भाई प्रतीक यादव है। प्रतीक यादव राजनीति से दूर हैं। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव राजनीति से जुड़ी हुई हैं।

अखिलेश यादव का शैक्षिक जीवन – Akhilesh Yadav Education

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित सेंट मैरी स्कूल से प्राप्त की। क्योंकि उनका पूरा परिवार इटावा में ही रहता था जिस कारण से इनका बचपन वहीं बीता। अपनी प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद अखिलेश यादव को इनके पिता मुलायम सिंह यादव ने राजस्थान भेज दिया। जहाँ से इन्होंने अपनी आगे की शिक्षा धौलपुर मिलिट्री स्कूल से प्राप्त की।

राजस्थान के बाद वह मैसूर चले गये और वहां इन्होंने मैसूर के जयचामाराजेंद्र कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से सिविल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। जिसके बाद वे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए ऑस्टेलिया चले गये। वहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय से एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री प्राप्त की। जिसके बाद वे वापस भारत आ गये और अपने पिता की राजनीति में उनकी सहायता करने लगे।

अखिलेश यादव का वैवाहिक जीवन – Akhilesh Yadav Married Life, Wife

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और डिम्पल यादव (Dimple Yadav) एक दूसरे को तबसे जानते थे जब अखिलेश यादव महज 21 साल के थे और डिम्पल यादव सिर्फ 17 साल की। इन दोनों की दोस्ती काफी लम्बे समय तक चली। लेकिन कुछ समय के बाद इन दोनों में प्यार हो गया इसी बीच अखिलेश यादव अपनी उच्च शिक्षा के लिए सिडनी चले गये लेकिन इन दोनों का रिश्ता तब भी बना रहा।

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सिडनी से लौटने के बाद अखिलेश यादव ने डिम्पल से शादी करने का फैसला लिया। लेकिन अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव इस शादी के खिलाफ थे। बाद में उनके चाचा अमर सिंह के कहने पर वो मान गये और 24 नवम्बर 1999 को दोनों ने शादी कर ली। डिम्पल यादव का परिवार मूल रूप से उत्तराखण्ड का है। इनके पिता एससी रावत रिटायर्ड आर्मी कर्नल हैं।

अखिलेश यादव और डिम्पल यादव के 3 बच्चे हैं। अदिती यादव, टीना यादव और अर्जुन यादव। डिम्पल यादव 2 बार लोकसभा सदस्य भी रह चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के युवा इन दोनों की जोड़ी को बहुत पसंद करते हैं। उत्तर प्रदेश के युवा अखिलेश यादव को ‘अखिलेश भईया’ और डिम्पल यादव को ‘डिम्पल भाभी’ कह कर सम्बोधित करते हैं।

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अखिलेश यादव का राजनैतिक जीवन – Akhilesh Yadav Political Career

उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री और ऑस्ट्रेलिया से इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने वाले अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत साल 2000 से की। साल 2000 में उन्होंने कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। जिसमे उन्हें जीत हासिल हुई। इसके बाद उन्हें खाद्य, नागरिक आपूर्ति और सार्वजनिक वितरण समिति के सदस्य के रूप में चुना गया। उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत में इस पद पर कार्य किया।

इसके बाद अखिलेश यादव आचार समिति के सदस्य के रूप में चुने गये और इस पद को भी उन्होंने 2000 और 2001 में सम्भाला। साल 2002 से 2004 तक अखिलेश यादव विज्ञान प्रोद्योगिकी पर्यावरण और वन सम्बंधी समिति के सदस्य के रूप में कार्यरत रहे।

साल 2004 में एक बार फिर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कन्नौज विधानसभा से चुनाव लड़ा और लगातार दूसरी बार भी वे लोकसभा के सदस्य के रूप में चुने गये। चौदहवीं लोकसभा का सदस्य चुने जाने के बाद अखिलेश यादव साल 2004 से लेकर 2009 तक शहरी विकास समिति, सासदों के लिए कंप्यूटर की प्रावधान समिति तथा लोकसभा सचिवालय के अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे।

साल 2009 में एक बार फिर अखिलेश यादव ने लोकसभा का चुनाव लड़ा इस बार वे फिरोजाबाद और कन्नौज दोनों सीटों से चुनाव मैदान में उतरे। सदोनों सीटों पर जीतने के बाद अखिलेश यादव ने फिरोजाबाद सीट से इस्तीफा दे दिया और वे कन्नौज सीट से लोकसभा सदस्य बने रहे। फिरोजाबाद सीट से अखिलेश यादव ने 67,301 वोटों से बसपा प्रत्याशी एस. पी. सिंह बघेल को हराया था।

साल 2009 से 2012 तक वे एक बार फिर विज्ञान प्रोद्योगिकी पर्यावरण और वन सम्बंधी समिति के सदस्य और 2जी स्पेक्ट्रम स्कैम के जेपीसी सदस्य बनाये गये। साल 2009 के बाद वह उत्तर प्रदेश की राजनीति में काफी एक्टिव हो चुके थे और उन्होंने समाजवादी पार्टी की कमान सम्भालनी शुरू कर दी थी।

साल 2012 के विधानसभा चुनावों में अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पूरे प्रदेश में तमाम रैलियों और जन सभाओं के माध्यम से लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई। अखिलेश यादव की मेहनत रंग लाइ और समाजवादी पार्टी ने साल 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुमत से जीत हासिल की।

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अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में – Akhilesh Yadav as Chief Minister of UP

साल 2012 में विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की मेहनत और उनके नेतृत्व से समाजवादी पार्टी ने बहुमत से जीत दर्ज की। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 224 सीटों पर चुनाव जीता। इसके बाद बारी थी मुख्यमंत्री बनने की उनके पिता मुलायम सिंह यादव अब तक तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके थे। इस बार उत्तर प्रदेश की जनता और युवा वोटर चाहते थे कि ये मौका इस बार अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को मिले।

जिस पर विचार विमर्श के बार 10 मार्च 2012 को अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी के नेता के रूप में चुना गया। 15 मार्च 2012 को उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री के रूप से 38 वर्ष की आयु में अखिलेश यादव ने शपथ ग्रहण किया। अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के 20 वें मुख्यमंत्री बनें। मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव ने लोकसभा सदस्य प्रद से इस्तीफा दे दिया और वे उत्तर प्रदेश के विधान परिषद सदस्य बनाए गए।

2017 विधानसभा चुनाव

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उत्तर प्रदेश के मख्यमंत्री के रूप में अपना 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। इसके बाद साल 2017 में एक बार फिर उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव हुआ। इस बार भी अखिलेश यादव ने चुनावों में जनता को प्रदेश के विकास का भरोषा दिलाया और कांग्रेस पार्टी के साथ गठबन्धन किया और पूरी ताकत से चुनाव लड़ा।

Akhilesh yadav

लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश की जनता ने अखिलेश यादव का साथ नहीं दिया और समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव हार गई। इस बार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत हुई और समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को सिर्फ 47 सीटें ही मिली। इसके बाद अखिलेश यादव ने 11 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

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 2022 विधानसभा चुनाव

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने 2017 के विधानसभा चुनाव में हारने के बाद एक बार फिर 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा। इस बार वे आज़मगढ़ सदर की सीट के प्रत्याशी थे। पूरे देश में एक बार फिर मोदी लहर थी। लेकिन अखिलेश यादव आजमगढ़ सदर सीट से जीत हासिल कर के चौथी बार लोकसभा सदस्य बने। इसके बाद साल 2022 में एक बार फिर विधानसभा चुनाव होना था। इस बार जनता को भी यह उम्मीद थी कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।

समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव ने इस चुनाव में पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ा लेकिन इस बार फिर समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, हालाकि समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन 2017 से अच्छा रहा। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 125 सीटों पर चुनाव जीता। अखिलेश यादव ने अपने गृह जनपद इटावा की करहल सीट से चुनाव लड़ा और अपनी सीट पर उन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

करहल विधानसभा सीट पर उन्होंने भाजपा प्रत्याशी एसपी सिंह बघेल को 66 हजार से अधिक वोटों से हराया। इसके बाद अखिलेश यादव ने आजमगढ़ लोकसभा सीट से सपा नेता आजम खान के साथ इस्तीफा दे दिया और करहल सीट से विधानसभा में बने रहने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव के कार्य

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) एक युवा नेता हैं उनमे एक कुशल नेतृत्वकर्ता के सभी गुण मौजूद हैं। अखिलेश यादव ने सदैव ही ऐसे निर्णय लिए जिनसे प्रदेश की जनता का कल्याण हो और प्रदेश का विकास सुनिश्चित हो सके। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप कार्य करते हुए समाजवादी पार्टी और प्रदेश को एक नई दिशा दी। उन्होंने प्रदेश सरकार के कार्यों में कई बदलाव किये तथा प्रदेश को आधुनिक रूप से सक्षम बनाने का पूरा प्रयास किया।

  • अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने प्रदेश के लोगों की समस्याओं को जानने और उनसे सीधा सम्पर्क स्थापित करने के लिए ‘जनता दरबार’ की शुरुआत की। इसके माध्यम से प्रदेश के जनता अपनी समस्याएं सीधा मुख्यमंत्री को बता सकते थे।
  • अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने प्रदेश के सरकारी कामकाज को पपेरलेस और पारदर्शी बनाने के लिए उसे डिजिटल करने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके आलावा उन्होंने अलग-अलग विभागों के लिए एप्स और ऑनलाईन पोर्टल की शुरुआत की।
  • इसके आलावा अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए उत्तर प्रदेश में हेल्थ सेक्टर में बड़ा बदलाव किया। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 108 एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत की। जिससे कोई भी व्यक्ति अपने मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल और चिकित्सक तक पहुंचा सके। यह कार्य एक क्रांतिकारी परिवर्तन था इससे प्रदेश के लोगों को बहुत लाभ प्राप्त हुआ।
  • अखिलेश यादव में उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के सुधार के लिए डायल 100 नंबर की शुरुआत की। जिससे एक बार काल करने पर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत उपलब्ध हो जाती है। इस कार्य से प्रदेश की कानून व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया और प्रदेश में अपराधों की संख्या कम होने लगी।
  • इसके बाद अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के विकास और सुन्दरीकरण पर कार्य करवाया जिससे उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में आगे बड़ा और प्रदेश में पर्यटन बढ़ा।
  • अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में अखिलेश यादव ने गरीबों असहायों और उत्तर प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए बहुत से कार्य किये और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई।
  • मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए 1090 महिला हेल्पलाइन की शुरुआत की। जिससे प्रदेश की महिलाओं के प्रति अपराधों को कम किया जा सके। इस हेल्पलाइन के जरिए महिलाओं को तुरंत सहायता प्रदान की जाती है। इस हेल्पलाइन के आने से महिलाएं प्रदेश में खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं।
  • अखिलेश यादव एक खेल प्रेमी हैं। उन्होंने प्रदेश को खेल के क्षेत्र में विकसित करने के लिए बहुत से काम किये और प्रदेश में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण भी कराया।
  • अखिलेश यादव ने प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए उन्हें साल 2012 से 15 के बीच लैपटॉप वितरित किया। ताकि प्रदेश के छात्र आधुनिक और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकें। 
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इसके आलावा अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में बहुत से विकास कार्य किए। उन्होंने प्रदेश में मेट्रो रेल, एक्सप्रेस-वे, आईटी सिटी, किसानों के लिए विकास कार्य, बिजली क्षेत्र के विकास, किसानों के लिए बाजार और मण्डियों की स्थापना, पेंसन और बेरोजगारी भत्ते जैसे अनेक कार्य किये। अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की दशा बदलने और सामाजिक कार्यों को करने के लिए जाना जाता है।

अखिलेश यादव की कुल सम्पत्ति – Akhilesh Yadav Net worth

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के पास कुल सम्पत्ति लगभग 8 करोड़ 24 लाख रूपये हैं। यह सम्पत्ति उन्होंने साल 2022 के चुनावी हलफनामे में बताई है। इसके अलावा डिम्पल यादव और अखिलेश यादव को मिलाकर कुल सम्पत्ति लगभग 40.02 करोड़ बताई है।

अखिलेश यादव का जन्म कब हुआ?

1 जुलाई 1973

अखिलेश यादव पहली बार मुख्यमंत्री कब बने?

15 मार्च 2012

अखिलेश यादव पहली बार सांसद कब बने?

साल 2000

अखिलेश यादव का विवाह कब हुआ?

24 नवम्बर 1999

अखिलेश यादव के बच्चों के नाम क्या हैं?

अदिती यादव, टीना यादव, अर्जुन यादव

अखिलेश यादव वर्तमान में किस पद पर हैं?

करहल से सांसद और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष

अखिलेश यादव अब तक कितनी बाद सांसद बने ?

4 बार

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