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भूपेंद्र सिंह चौधरी कौन हैं? जो यूपी में संभाल रहे भाजपा की कमान

भूपेंद्र सिंह चौधरी (Bhupendra Singh Chaudhary) एक भारतीय राजनेता हैं, जो भारतीय जनता पार्टी से सम्बन्ध रखते हैं। बता दें कि अभी हाल ही में उन्हें भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आइए आज जानते हैं भूपेंद्र सिंह चौधरी का जीवन परिचय (Bhupendra Singh Chaudhary Biography in Hindi)…

Bhupendra Singh Chaudhary Biography in Hindi

भूपेंद्र सिंह चौधरी की संक्षिप्‍त जीवनी – Bhupendra Singh Chaudhary Biography in Hindi

पूरा नामभूपेंद्र सिंह चौधरी
जन्म की तारीख30 जून 1966, दिन- गुरूवार
जन्मस्थानगाँव महेंद्री सिकंदरपुर, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश
राशि चक्रकर्क
पिता का नामज्ञात नहीं
माता का नामज्ञात नहीं
राष्ट्रीयताभारतीय
धर्म / जातिहिन्दू / जाट
शैक्षिक योग्यताइंटरमिडिएट, स्नातक (अपूर्ण) 
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पत्नीनिशि चौधरी (गृहिणी )
पुत्र / पुत्रीशुभम चौधरी (राजनीतिज्ञ)
पेशासमाजसेवा व राजनीति‍
पद                          1. अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश
2. सदस्य, विधान परिषद, उत्तर प्रदेश

प्राम्भिक जीवन एवं शिक्षा

भूपेंद्र सिंह चौधरी का जन्म 30 जून 1966  को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के महेंद्री सिकंदरपुर गाँव में हुआ था। इनके पिता सधारण किसान थे, वहीं माँ गृहिणी थीं। इन्‍होंने अपनी शुरूआती शिक्षा गाँव के ही प्राथमिक विद्यालय से पूरी की। आगे चलकर मुरादाबाद के आर एन इंटर कालेज से इन्‍होंने इन्टरमीडिएट की परीक्षा (Bhupendra Singh Chaudhary Educational Qualification) उत्तीर्ण की। आगे की पढाई के लिए हिन्दू डिग्री कालेज में दाखिला लिया, परन्तु एक साल की पढाई पूरी करने के बाद स्नातक की शिक्षा अधूरी छोड़ दी।

भूपेंद्र सिंह चौधरी का परिवार – Bhupendra Singh Chaudhary Family

भूपेंद्र सिंह चौधरी के पत्नी का नाम निशि चौधरी है, जोकि एक गृहिणी हैं। वहीं इन दोनों के एक पुत्र शिवम चौधरी हैं, वह भी राजनैतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं।

सामाजिक जीवन एवं राजनैतिक यात्रा – Bhupendra Singh Chaudhary Wikipedia in Hindi

भूपेंद्र सिंह चौधरी (Bhupendra Singh Chaudhary) का मन शुरूआती दिनों से ही सामाजिक कार्यों में ज्यादा लगता था, जिस कारण पढाई के दिनों से ही ये “विश्व हिन्दू परिषद्” से जुड़ गए थे। 1989  में कृषक उपकारक इंटर कालेज के प्रबंधक बने। आगे चलकर 1991 में भारतीय जनता पार्टी जुड़कर अपने राजनैतिक जीवन की यात्रा प्रारंभ की।

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भाजपा संगठन में दायित्व

1993  – भाजपा संगठन का जिला कार्यसमिति सदस्य

1994 – जिला कोषाध्यक्ष

1995 – जिला महामंत्री

1996 – भाजपा मुरादाबाद का जिला अध्यक्ष बनाया गया। सन 2000 तक वह इस पद पर रहे।

1999 – इन्हें संभल से लोकसभा का टिकट दिया गया, परन्तु मुलायम सिंह यादव से चुनाव हार गए।

2000 – 2007 तक मुरादाबाद मंडल के संयोजक।

2007 – भाजपा पश्चिम क्षेत्र ला क्षेत्रीय मंत्री।

2009 – हुए उपचुनाव में मुरादाबाद पश्चिम से टिकट मिला , चुनाव हार गए।  

2012 – भाजपा पश्चिम क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया। 2016 तक इस पद पर रहे।

2016 – विधान परिषद् का सदस्य बनाया गया।

2017 – प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाकर पंचायती राज जैसा  महत्वपूर्ण विभाग दिया गया। 

2022 – दोबारा सरकार बनने पुनः उसी विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाकर पदोन्नति किया गया।

2022 – एक बार फिर विधान परिषद् के लिए चुना गया जिसका कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

2022 –  अगस्त में भाजपा उत्तर प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष के लिए इनके नाम की घोषणा की गई।

2022 – भाजपा में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत के चलते इन्होंने कैबिनेट मंत्री के पद से त्यागपत्र दे दिया है।

भूपेंद्र सिंह चौधरी का मंत्री के रूप में “स्वच्छ भारत मिशन” में योगदान

उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज विभाग के मंत्री के रूप में कार्य करते हुए इन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण योजना स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 1.75 करोड़ शौचालय बनवा कर रिकार्ड बनाया एवं सभी 75 जिलों को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके लिए प्रधानमंत्री द्वारा इनकी सराहना भी हुई।

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भूपेंद्र सिंह चौधरी से जुड़े विवाद – Bhupendra Singh Chaudhary Controversies

साल 2014 में समाजवादी पार्टी की सत्ता के दौरान मुरादाबाद में प्रशासन ने मंदिर से लाउडस्पीकर हटवाने का फैसला लिया। इसका भाजपा सहित हिन्दू संगठनों ने कड़ा विरोध किया। भूपेंद्र चौधरी के नेतृत्व में किया जा रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया। परिणाम स्वरुप प्रशासन को बल प्रयोग करना पड़ा। चौधरी सहित 70 लोगों पर सार्वजानिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने एवं तोड़फोड़, आगजनी के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। इसे 2022 में विशेष न्यायालय द्वारा ख़ारिज कर दिया गया।

2022 के चुनाव में उन्होंने एआईएमआईएम के नेता व सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर टिप्पड़ी की थी कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो ओवैसी को जनेऊ पहनने पर मजबूर कर दिया जायेगा। जिस पर बहुत विवाद हुआ।

भूपेंद्र सिंह चौधरी ही क्यों? – Bhupendra Singh Chaudhary As UP BJP Chief

भूपेंद्र सिंह चौधरी संगठन के लिए जाने जाते हैं। बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कार्यकर्ताओं पर अच्छी पकड़ तथा सीधा संपर्क एवं संवाद रखते हैं। न केवल पश्चिम क्षेत्र अपितु ब्रज क्षेत्र और बुंदेलखंड क्षेत्र में भी इनकी अच्छी खासी पकड़ है। भूपेंद्र सिंह ऐसे कार्यकर्ता रहे हैं जो बूथ, जिला, क्षेत्र स्तर पर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी का निर्वाह्न कर चुके हैं। इन्होंने विनय कटियार, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, सूर्य प्रताप शाही, डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह जैसे प्रदेश अध्यक्षों के साथ काम किया है।

साथ ही अन्य महत्वपूर्ण बात यह है कि वह पश्चिम के मुरादाबाद से आते हैं, जो जाट लैंड है। वह स्वयं जाट समुदाय से आते हैं। पश्चिम क्षेत्र का अध्यक्ष रहने के कारण उनकी उस क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। किसान आन्दोलन से जाटों में पनपी नाराजगी को दूर करने एवं उन्हें पार्टी के पक्ष में लामबंद करने के लिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।

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