Monkeypox

मंकीपॉक्‍स क्‍या है? जानिए लक्षण और इसके बारे में पूरी जानकारी

पूरी दुनिया के साथ-साथ अब भारत देश पर भी मंकीपॉक्‍स (Monkeypox) का खतरा बढ़ता जा रहा है। भारत के साथ कुल 75 देशों में यह अपने पैर पसार चुका है। वहीं सही जानकारी न होने के अभाव में लोग इसके बारे में तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। आइए आज जानते हैं कि आखिर मंकीपॉक्‍स क्‍या है? मंकीपॉक्‍स के लक्षण क्‍या हैं?

Monkeypox

मंकीपॉक्‍स क्‍या है? – What Is Monkeypox

मंकीपॉक्‍स एक तरह का वायरल इंफेक्‍शन (monkeypox in Hindi) है। डॉक्‍टरों के मुताबिक, मंकीपॉक्‍स जूनोटिक डिजीज की श्रेणी में आता है। इसका मतलब यह है कि यह जानवरों से इंसानों में भी फैल सकता है। बता दें कि मंकीपॉक्‍स सबसे पहले साल 1958 में लैब के बंदरों में पाया गया था। इसी के आधार पर इसका नाम मंकीपॉक्‍स रखा गया था। इंसानों में यह सबसे पहली बार कांगो देश के एक नौ महीने के बच्‍चे में साल 1970 में पाया (History of Monkeypox) गया था। शोध में यह भी पाया गया कि मंकीपॉक्‍स वायरस इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है।

साल 2003 में मंकीपॉक्‍स वायरस पहली बार अफ्रीका से बाहर अमेरिका के कुछ मरीजों में भी पाया गया था। वहीं मौजूदा समय में मंकीपॉक्‍स वायरस का कहर काफी तेजी से फैल रहा है। हाल ही में यूएनओ ने मंकीपॉक्‍स वायरस को वैश्विक महामारी के रूप में घोषित कर दिया है। इसका कारण यह है कि ये काफी तेजी के साथ कई देशों में अपनी पैर पसार चुका है और दिन प्रतिदिन वहां इस वायरस के मरीजों की संख्‍या में बढ़ोत्तरी होती जा रही है।

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कैसे फैलता है मंकीपॉक्‍स वायरस – How is Monkeypox Spread

मंकीपॉक्‍स वायरस से संक्रमित मरीज के खांसने या छींकने के कारण निकलने वाले ड्रॉपलेट्स के संपर्क में अगर कोई व्‍यक्ति आ जाता है, तो वह भी इस वायरस से संक्रमित (Monkeypox Transmission) हो सकता है। ऐसे में मंकीपॉक्‍स वायरस से संक्रमित मरीज से दूरी बनाकर रखना ही उचित है। वहीं मरीज के सामान जैसे, तौलिया, बिस्‍तर, बर्तन आदि का उपयोग भी किसी दूसरे व्‍यक्ति को करने से बचना (Prevention of Monkeypox) चाहिए।

क्‍या हैं मंकीपॉक्‍स वायरस के लक्षण – Monkeypox Symptoms in Hindi

मंकीपॉक्‍स वायरस से संक्रमित मरीज में चेचक जैसे लक्षण पाए जाते हैं। मरीज को तेज बुखार के साथ-सा‍थ मुंह, हाथ, पैर पर चकत्‍ते पड़ने लगते हैं। वहीं शरीर में काफी खुजली महसूस होती है। सिरदर्द, बदन दर्द, सुस्‍ती लगना भी मंकीपॉक्‍स के लक्षण हैं। दो से चार हफ्तों के बाद मरीज के शरीर के चकत्‍ते सूखने लगते हैं और पपड़ी बनकर अपने आप गिर जाते हैं।

FAQ’s

मंकीपॉक्‍स वायरस क्‍या है?

मंकीपॉक्‍स एक तरह का वायरल इंफेक्‍शन है। डॉक्‍टरों के मुताबिक, मंकीपॉक्‍स जूनोटिक डिजीज की श्रेणी में आता है।

क्‍या मंकीपॉक्‍स वायरस इंसानों से इंसानों में फैल सकता है?

मंकीपॉक्‍स वायरस इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है।

मंकीपॉक्‍स वायरस के लक्षण क्‍या हैं?

मंकीपॉक्‍स वायरस से संक्रमित मरीज में चेचक जैसे लक्षण पाए जाते हैं। मरीज को तेज बुखार के साथ-सा‍थ मुंह, हाथ, पैर पर चकत्‍ते पड़ने लगते हैं। खुजली, सिरदर्द, बदन दर्द आदि भी इसके लक्षण हैं।

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